बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता
कि तुम भी तकलीफ में हो और हम भी तकलीफ में हैं।
कुछ लड़के टूटे कांच की तरह टूट के बिखर जाते है
तुम्हारे बिना जीना कोई जीने से कम नहीं,
अब उनकी यादें ही हमें छोड़कर चली जाती हैं…!!!
बेवफा नहीं थे हम, पर उसने हमें बेवफा बना दिया, वो भूल गया, हम अब भी उसी के हैं।
अब दर्द की आदत सी हो गई है, खुशी मिले तो अब डर सा लगता है।
दूर रहकर भी तेरी यादों से जूझ रहे हैं हम…!!!
तेरी यादों के साये मुझे हर रोज़ जलाते हैं।
जब तुम्हारे बिना, हर पल एक तन्हाई की लहर है।
तू नहीं था, तो भी तुझे चाहा मैंने, अब जब तू नहीं है, तो भी तुझसे प्यार है।
वरना वक्त की धूल में बिखरकर खो जाते हैं।
तेरी यादों के जख़्म और गहरे हो जाते हैं।
और तो और ये Sad Shayari दिमाग है जो ये मानने को तैयार ही नही है,